{रउआ के शीर्षक इहाँ}
!!! info
**स्थिति**: { प्रस्तावित | समीक्षाधीन | स्वीकार | खारिज | बदलल गइल | अनुशंसित ना }
**अपडेट**: {YYYY-MM-DD}
सारांश
{ई रउआ के ADR के 'कार्यकारी सारांश' चाहे 'एलिवेटर पिच' ह। कुछ छोट वाक्य में (आम तौर पर 2-4), मुख्य समस्या, सवाल, चाहे मौका जेकरा के ई ADR संबोधित करेला, साफ-साफ बतावीं। लिहल गइल फैसला चाहे फोकस क्षेत्र के संक्षिप्त संकेत शामिल करीं। मकसद ई बा कि पाठक लोग जल्दी समझ जाए कि ई ADR का बारे में बा आ तय कर लेवे कि ई ओकरा काम के बा कि ना, पूरा दस्तावेज पढ़ले बिना। एकरा के कवनो तकनीकी पर्चा के सार चाहे मुख्य विषय के बहुते संक्षिप्त परिचय जइसन समझीं।}
प्रेरक
{ई खंड समझावेला कि ई फैसला अबहिन काहे लिहल जा रहल बा। ई आर्किटेक्चर फैसला के जरूरी बनावे वाला मुख्य प्रेरणा, जरूरत, चाहे समस्या साफ-साफ बतावीं। भीतर के कारण आ दबाव के बारे में सोचीं।}
{जइसे हमनी एगो नया फीचर/क्षमता विकसित कर रहल बानी जेमें चाहीं...}
{जइसे हमनी के प्रदर्शन, पहुँच में सुधार, कर्ज हटावे के जरूरत बा...}
{जइसे उपयोगकर्ता के प्रतिक्रिया बतावेला कि...}
{जइसे मौजूदा तरीका ई सीमा लगावेला...}
विकल्प
{इहाँ रउआ ऊ अलग-अलग विकल्प सूचीबद्ध करीले जेकरा पर विचार कर रहल बानी। तथ्य पर रहीं आ राय से बचीं, अगिला खंड में विश्लेषण बा। संक्षिप्त वर्णन, प्रासंगिक दस्तावेज चाहे उदाहरण के लिंक शामिल करीं।
ऊ सब महत्त्वपूर्ण विकल्प शामिल करीं जेकरा के रउआ जाँचनी, भले आखिर में ना चुनल गइल होखे। मकसद ई बा कि मूल्यांकन में उतरे से पहिले पाठक के हर विकल्प के साफ, बिना पक्षपात वाला समझ मिले।}
{विकल्प 1 के शीर्षक}
{विकल्प के वर्णन करीं, सारांश दीं, तथ्य सूचीबद्ध करीं, लिंक दीं, वगैरह।}
{विकल्प n के शीर्षक}
...
विकल्प विश्लेषण
{इहाँ रउआ विकल्प खंड में पेश हर विकल्प के आलोचनात्मक मूल्यांकन करीले। हर विकल्प खातिर, ओकर फायदा, नुकसान, आ आउर कवनो प्रासंगिक विचार चाहे समझौता के संतुलित नजरिया दीं। ठोस रहीं आ, जहाँ संभव होखे, अपना बात के प्रेरक से जोड़ीं।
अइसन पहलू पर विचार करीं:
लागत (विकास, संचालन, लाइसेंस)
जटिलता (कार्यान्वयन, रखरखाव, सीखे के कठिनाई)
जोखिम (तकनीकी, संचालन, सुरक्षा)
आर्किटेक्चर सिद्धांत चाहे मौजूदा मानक से तालमेल
प्रदर्शन, पैमाना बढ़ावे, उपयोग में आसानी, रखरखाव, सुरक्षा, वगैरह पर असर
जेतना जरूरत होखे फायदा/नुकसान/आउर बयान शामिल करीं। }
{विकल्प 1 के आकलन}
फायदा: {एह विकल्प के कवनो खास फायदा चाहे लाभ।}
नुकसान: {एह विकल्प से जुड़ल कवनो खास नुकसान, जोखिम, चाहे लागत।}
आउर: {प्रासंगिक बात जे सख्ती से फायदा चाहे नुकसान ना ह।}
{विकल्प n के आकलन}
...
सिफारिश
{इहाँ रउआ अंतिम फैसला साफ-साफ बतावीले, आ चुनल गइल विकल्प के नाम साफ-साफ लीले। विस्तार से समझाईं कि ई विकल्प काहे चुनल गइल। रउआ साफ बतावे के चाहीं कि चुनल विकल्प प्रेरक के सबसे बढ़िया तरी से कइसे संबोधित करेला आ मुख्य जरूरत पूरा करेला चाहे बतावल समस्या हल करेला।}
नतीजा
{ई खंड वैकल्पिक ह।}
{अब जब फैसला हो चुकल बा त उम्मीद के नतीजा आ असर का बा, सकारात्मक आ नकारात्मक दूनो? ई फैसला करे से कवन जानल सीमा, लागत, चाहे जोखिम स्वीकार कइल जा रहल बा? ई फैसला अलग-अलग हितधारक, आउर सिस्टम, विकास के तरीका, संचालन प्रक्रिया, चाहे उपयोगकर्ता अनुभव के कइसे प्रभावित करी?}
फायदा: {एह फैसला से उम्मीद के कवनो खास सकारात्मक नतीजा चाहे लाभ।}
नुकसान: {एह फैसला से स्वीकार कइल गइल कवनो खास नकारात्मक पक्ष, लागत, चाहे जोखिम।}
आउर: {अइसन नतीजा जे सख्ती से फायदा चाहे नुकसान ना ह।}
पुष्टि
{ई खंड वैकल्पिक ह।}
{रूपरेखा दीं कि एह फैसला के कार्यान्वयन के सत्यापन कइसे होई आ लगातार अनुपालन कइसे पक्का होई। एकरा से ई देखावे में मदद मिलेला कि फैसला सिरिफ सैद्धांतिक नइखे बल्कि सक्रिय रूप से लागू आ निगरानी में रही।
रउआ कइसे जाँचब कि फैसला सही तरी से लागू भइल बा? (जइसे कोड समीक्षा, खास परीक्षण, प्रदर्शन, सहकर्मी समीक्षा)।
एह फैसला के पालन समय के संगे कइसे बनल रही? (जइसे स्वचालित जाँच, समय-समय पर ऑडिट, टीम के दिशानिर्देश के अपडेट, प्रशिक्षण)।
का कवनो खास मापदंड चाहे संकेतक बा जे देखाई कि फैसला अपना चाहल सकारात्मक नतीजा हासिल कर रहल बा? (जइसे प्रदर्शन बेंचमार्क, अपनावे के दर, खास गलती में कमी, उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया स्कोर)।
एकर निगरानी खातिर के जिम्मेदार बा, आ अगर फैसला के पालन ना भइल त का होई?}
आउर जानकारी
{ई खंड वैकल्पिक ह।}
{एह खंड के इस्तेमाल कवनो पूरक जानकारी देवे खातिर करीं जे फैसला के समर्थन करे, संदर्भ बढ़ावे, चाहे आगे के कार्रवाई के राह देखावे। आउर फैसला आ संसाधन के लिंक भी इहाँ आ सकेला।
रउआ संक्षेप में बता सकीले कि फैसला लिहे के प्रक्रिया में के शामिल रहे आ सहमति बनल कि ना आ कइसे। रउआ आगे चल के एह फैसला के फेर से मूल्यांकन खातिर प्रेरित करे वाला समय-सीमा चाहे खास घटना भी सुझा सकीले।}